प्यार तुझसे कर बैठे है, यह गुन्हा तो आब कर बैठे है गुस्ताख़ी हो माफ़ सनम, तुझे दिल हम दे बैठे है * एक अलग सा शायर मुझमे जगाया है, मुझे इस्कदर दीवाना बनाया है पल पल तुझको पास मैं पति हूँ, एक नज़म उधेर एन कलम का उबाल आया है * इस्कदर बेताबी न बड़ा, यह बेरूख़ी है सनम मुझे तू इस जहा से ले जा, इस प्यार का सहारा बन * मोहब्बत ऐसा आलम देखाएगी, मालूम न था मुझे तेरी चाहत दीवाना बनाएगी, मालूम न था मुझे आब प्यार में इस्कदर डूबी हूँ, हूँ इस दुनिया से बाख़बर इश्क़ मौत के खोफ़ से परे है, मालूम न था मुझे * मोहबत में यह तन्हाई, मोहब्बत में आम है गुदगुदाता मीठा यह आहेसस, मुझे करता बदनाम है * तू आशिक़ है मेरा, मैं तेरी दीवानगी मोहब्बत में सनम, मैं तेरी हो चली
Posted by ܔܢܜܔAmE(๏̯͡๏)Raj ☺ >--♥--> ♠ ↑ on 3 May, 2009 at 4:22 pm
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